नई दिल्ली । हाल ही में देश के 362 जिलों में लोकल सर्किल का सर्वे किया गया है। पिछले 12 महीना में मोबाइल यूजर्स की सबसे बड़ी परेशानी कॉल ड्रॉप होना, और मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल नहीं मिलना है। मार्च से जून के बीच में किए गए सर्वे में 10 में से नौ लोगों ने स्वीकार किया है। बार-बार कॉल ड्रॉप होते हैं। कॉल ड्रॉप की शिकायत 91 फ़ीसदी उपभोक्ताओं ने की है। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या से भी उपभोक्ता जूझ रहे हैं।
कमजोर नेटवर्क के कारण कॉल ड्रॉप होने की शिकायत 41 फ़ीसदी लोगों ने की है। 30 सेकंड के अंदर ही कॉल ड्रॉप हो जाता है।
टेलीकॉम कंपनियां महीने के आधार पर शुल्क वसूल करती हैं। हाल ही में 10 से 25 फ़ीसदी तक शुल्क टेलीकॉम कंपनियों ने बढ़ाया है। टेलीकॉम कंपनियां आज भी उपभोक्ताओं को कॉल ड्रॉप की समस्या से निजात और मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं करा पाई हैं। इसके बाद भी उन्हें शुल्क बढ़ाने की अनुमति दी गई है। ज़ब मोबाइल कंपनियां मुनाफे में है। उपभोक्ताओं को ट्राई द्वारा निर्धारित सेवा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उल्टे जजिया कर की तरह हर माह उपभोक्ताओं से शुल्क वसूल किया जा रहा है। ट्राई की स्थापना उपभोक्ताओं और टेलिकॉम कंपनियों के हितों में समन्वय बनाए रखने के लिए की गई थी। न्यायिक प्राधिकरण होते हुए इसका झुकाव टेलीकॉम कंपनियों की ओर होता है। जिसके कारण अब उपभोक्ताओं में टेलीकॉम कंपनियों के साथ-साथ ट्राई के प्रति भी नाराजी देखने को मिल रही है।
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