नई दिल्ली । बांग्लादेश में तख्ता पलट होने के बाद सीमावर्ती राज्यों में बांग्लादेश से शरणार्थियों का प्रवेश होने की संभावना को देखते हुए, विशेष प्रावधान किए गए हैं। सीमा सुरक्षा बल को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
मेघालय में बांग्लादेश की सीमा से 4 किलोमीटर क्षेत्र में आबाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। 443 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर लगभग 80 किलोमीटर क्षेत्र मेघालय का है। इसके 4 किलोमीटर तक की आवाजाही पर सीमा सुरक्षा बल की जवान तैनात हैं। जो शरणार्थियों पर नजर रख रहे हैं। बांग्लादेश की ओर से आने वालों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बांग्लादेश से किसी को भी आने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
मिजोरम की राजधानी आइजोल से 273 किलोमीटर लम्बा लांगतलाई का बॉर्डर पूरी तरह सूना पड़ा रहता है। राज्य सरकार ने शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बॉर्डर के 3 किलोमीटर एरिया की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दी है। यह प्रतिबंध अगले 2 महीने तक जारी रहेगा। बांग्लादेश की बॉर्डर से आने और जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह इलाका बांग्लादेश के चटगांव और बंदरवान से जुड़ा हुआ है। पहाड़ियों से चलकर यहां पर घुसपैठ होती है। सीमा सुरक्षा बल की जवान घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं।बांग्लादेश से सटे हुए 318 किलोमीटर के इलाके में बीएसएफ के जवान तैनात किए गए हैं। 2 महीने तक आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
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