साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में एक बैंक कर्मचारी समेत दो आरोपियों को साइबर थाना पूर्व पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठगी के एक मामले में जांच के दौरान पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस थाने में एक व्यक्ति द्वारा शिकायत दी गई थी कि मोटे मुनाफे का लालच देकर शेयर बाजार में इंवेस्ट कराकर उससे साइबर ठगों ने पौने दो करोड़ से ज्यादा की ठगी की है।
पुलिस ने 39.60 लाख रुपये की रिकवरी की
सहायक पुलिस आयुक्त प्रियांशु दीवान ने बताया कि पुलिस टीम ने मामले की जांच करते हुए उन बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगाले, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। अलग-अलग बैंक खातों में पीड़ित द्वारा ट्रांसफर किए गए कुल रुपयों में से 39.60 लाख रुपये फ्रीज कराकर पुलिस ने पीड़ित को वापस भी दिलवा दिए थे। इसी कड़ी में जांच करते हुए पुलिस टीम ने 23 सितंबर को दो आरोपियों मुकुल सुहालका (26) निवासी सेक्टर-11 गिरवा उदयपुर सर्कल, राजस्थान और प्रहलाद (24) निवासी नई आबादी पुठोली जिला चित्तौडगढ़, राजस्थान को गिरफ्तार कर लिया।
ठगी के पीछे का नेटवर्क
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुकुल पहले इंडसइंड बैंक उदयपुर की सेक्टर-6 शाखा में काम करता था। पौने दो करोड़ की ठगी के मामले में प्रयोग किया गया बैंक खाता, आरोपी मुकुल के माध्यम से ही खुलवाया गया था। आरोपी मुकुल ने खाता धारक से बैंक खाता लेकर उक्त आरोपी प्रहलाद को दिया था। प्रहलाद ने वह बैंक खाता अन्य आरोपी को उपलब्ध करवाया था। आरोपी ने खाते को साइबर ठगों को 70 हजार रुपये में बेच दिया था।
नौ आरोपियों की गिरफ्तारी
सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों हार्दिक जैन, गजेंद्र ओड, धर्मेंद्र ओड, भेरूलाल शर्मा, गोविंद सिंह, मदन माली, सुवासिया हर्षिल, प्रहलाद और मुकुल को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए पांच दिनों के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से उनके गैंग में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करते हुए ठगी की रकम को बरामद किया जाएगा।
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