रायपुर
नगर निगम की 4 अक्टूबर को स्थगित सामान्य सभा की बैठक सोमवार को पुन बुलाई गई जिसमें जमकर हंगामा हो गया। अवैध दुकानों को लेकर इसकी शुरूआत हुई तो और भी मुद्दे आने पर पार्षद सभापति के डायस तक पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। सामान्य सभा में निगम कार्यालय के बगल में बनी 3 दुकानों को लेकर भाजपा पार्षद दल ने सत्ता पक्ष को घेरा। निगम पर व्यवस्थापन के नाम पर अवैध रूप से दुकानें बनाने का आरोप भी लगाया। कुछ मुद्दों पर सत्ता पक्ष के पार्षद भी विरोध में दिखे जिसमें नरैया तालाब का सौंदर्यीकरण प्रमुख था।
नरैया तालाब सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव आते ही कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि निगम के अफसरों ने उनसे बिना राय लिए प्रस्ताव बना लिया है। तालाब में चौपाटी का भी विरोध किया। उनका कहना था कि इससे यातायात बिगड़ जायेगा। सभा में एमआईसी सदस्य समेत अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने लीज माफी के एक प्रस्ताव को गिरा दिया। यह निर्णय हुआ कि नए सिरे से लीज की गणना जाएगी। पार्षदों का कहना था कि लीजधारी को फायदा पहुंचाने निगम के बड़े पदाधिकारी, अफसरों के जरिए गड़बड़ी करवा रहे हैं।
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