नई दिल्ली । वाणिज्य मंत्रालय ने घरेलू उत्पादकों को संरक्षण देने के उद्देश्य से चीन समेत छह देशों से आयात होने वाले पीवीसी पेस्ट रेजिन पर पांच साल तक डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य है भारतीय उत्पादकों को विदेशी उत्पादकों से हो रहे अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाना है। व्यापार उपचार इकाई (डीजीटीआर) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत में डंपिंग होने की वजह से घरेलू उद्योगों को नुकसान हो रहा है। इसके चलते डीजीटीआर ने पीवीसी पेस्ट रेजिन के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क की सिफारिश की है। यह सिफारिश लागू होने पर शुल्क की सीमा 89 डॉलर प्रति टन से लेकर 707 डॉलर प्रति टन तक हो सकती है। इसमें कंपनियों को उचित मार्गदर्शन देने के साथ-साथ भारतीय उत्पादकों को सुरक्षित रखने का उद्देश्य है। इसके अंतर्गत कई उत्पादों पर पहले भी भारत ने सस्ते आयात से निपटने के लिए डंपिंग-रोधी शुल्क लगाए हैं। इससे यह साबित होता है कि सरकार उद्यमियों की सुरक्षा और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती है।
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