बीजापुर।
बीजापुर जिले के चर्चित नेलसनार से मिरतूर-गंगालूर सड़क निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीजापुर लोक निर्माण विभाग के एसडीओ व सब इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, कार्यपालन अभियंता को नोटिस देकर 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है।
साथ ही दोषियों पर एफआईआर के निर्देश दिए गए है। जानकारी के मुताबिक, भैरमगढ़ ब्लॉक के नेलसनार से मिरतुर व गंगालुर सड़क में हुए भारी भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीओ आरके सिन्हा व उप अभियंता जीएस कोड़ोपी को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन अभियंता बीएल ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सरकार ने पूर्व ईई से 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। वहीं, इस मामले में बीएल ध्रुव तत्कालीन कार्यपालन अभियंता, आरके सिन्हा अनुविभागीय अधिकारी, उप अभियंता जीएस कोड़ोपी एवं अन्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि इस सड़क में बिना काम के ठेकेदार को जारी हुई करोड़ों की राशि के बाद अफसर भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। सड़क में हुए भ्रष्टाचार को सामने लाने वाले पत्रकार मुकेश चंद्राकर के हत्याकांड के बाद इस सड़क की तीन बार जांच हो चुकी है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेज दी गई है। बताया गया है कि अभी इस सड़क में मात्र दो पार्ट में चार किलोमीटर सड़क पूर्ण और 28 किलोमीटर की सड़क अधूरी है, लेकिन ठेकेदार ने सांठगांठ कर 90% राशि 116 करोड़ रुपये अनुबंध राशि से आहरण कर लिया था।
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