इंदौर: नगर निगम की टीम ने मंगलवार सुबह मेघदूत चौपाटी के 200 से ज्यादा खोखे तोड़ दिए। चौपाटी हटाए जाने के बाद दुकानदारों ने वाहनों पर बने खोखे सुयश विहार कॉलोनी की सड़क के आसपास रख दिए थे। इसकी शिकायत रहवासियों ने नगर निगम अफसरों से की थी। इसके बाद खोखे तोड़ने का फैसला लिया गया। खोखे तोड़ने से भड़के दुकानदारों ने अफसरों से बहस भी की। उनका कहना है कि वाहनों पर खोखे बनाने में डेढ़ से दो लाख रुपए खर्च हुए। हम इन्हें अपने घर नहीं ले जा सकते थे, इसलिए खुले मैदान में रख दिया, लेकिन अफसरों ने बिना बताए खोखे तोड़ दिए। अफसरों ने बताया कि सोमवार शाम को अनाउंसमेंट कराया गया था। दुकानदारों से कहा गया था कि वे अपने खोखे सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। शिकायत मिलने के बाद खोखे तोड़ दिए गए।
चौपाटी पर गुमटियां लगाने की दो बार कोशिश
दुकानदारों ने चौपाटी पर गुमटियां लगाने की दो बार कोशिश की थी। रविवार सुबह 20 से ज्यादा गुमटियां होने की जानकारी मिलने पर टीम मौके पर गई और गुमटियां हटाईं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने कहा था कि गुमटियां जब्त न की जाएं। दुकानदारों को वैकल्पिक जगह भी दी जाए। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर नई जगह न दिए जाने पर विजय नगर चौराहे पर चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी थी।
मंगलवार को जब दुकानदारों को गुमटियां तोड़े जाने की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। तब तक जेसीबी की मदद से कई गुमटियां तोड़ी जा चुकी थीं। बता दें कि चौपाटी पिछले दस साल से चालू थी। अब मेट्रो स्टेशनों के काम के चलते नगर निगम ने चौपाटी हटा दी है। इसके बाद दुकानदार लगातार विरोध कर रहे हैं।
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