नई दिल्ली । भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि की संभावना है, बताते हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्यूईएफ) ने उजागर किया है कि भारत की जीडीपी 7 से 8 फीसदी तक बढ़ सकती है। उन्होंने इसे आर्थिक सुधारों और हायर इन्वेस्टमेंट के चलते संभावना बताया है। डब्यूईएफ ने कहा कि भारत में विकास के लिए बहुत सारी संभावनाएं हैं और इस साल की 6 फीसदी ग्रोथ दर भी अच्छी है, लेकिन इससे भारत की गति को रोकने कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, और रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश जारी रहना चाहिए। डब्यूईएफ ने भविष्य में भारत की अर्थव्यवस्था में भी 20 फीसदी हिस्सेदारी की संभावना दी। उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम से सपोर्ट मिल रहा है और यहां 1,20,000 से अधिक स्टार्टअप हैं। उन्होंने उत्सुकता से बताया कि भारत में 120 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत का लक्ष्य वास्तविक है कि वह 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन सकता है, डब्यूईएफ के एक अधिकारी ने कहा कि भारत जल्द ही 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। वह डिजिटल ट्रेड और सर्विसेज में भी हिस्सेदारी बढ़ रही है और यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है। अंत में वर्कफोर्स के ज्यादा डिजिटलीकरण के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर उन्हें पूछा गया था। उन्होंने कहा कि यह प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी लाता है और भारत के लिए नई टेक्नोलॉजी में बहुत सारे अवसर हैं। लेकिन ये छोटी अवधि में भी कुछ चुनौतियां उत्पन्न कर सकती हैं।
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