मध्य प्रदेश ऐसा लगता है कि सीएम मोहन यादव के लौटने के बाद प्रशासनिक बदलावों की योजना बनाई जा रही है। ऐसे बदलावों का सरकार की कार्यप्रणाली पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना रोचक होगा।
यह खबर मुख्यमंत्री मोहन यादव के जापान दौरे के बाद होने वाले प्रशासनिक फेरबदल के बारे में है, जो मध्य प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक संरचना में बदलाव का संकेत देती है। कुछ प्रमुख बिंदु जो उभरकर सामने आते हैं:
प्रशासनिक फेरबदल: सचिवालय स्तर और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के तबादले होंगे। इसमें कई विभागों के अतिरिक्त प्रभार को कम किया जाएगा, जिससे अधिकारियों को अपने मूल विभागों पर ध्यान देने का मौका मिलेगा।
अधिकारियों की नई तैनाती: राज्य सचिवालय में 10 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारी कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। यह प्रभार उनके कार्यभार को कम करने के लिए वापस लिया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं की गति: अतिरिक्त प्रभार हटाने से अधिकारियों को अपने मुख्य कार्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा, जिससे कार्यकुशलता में वृद्धि हो सकती है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ सकती है।
कलेक्टरों के तबादले: 27 जनवरी को 42 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया था, जिनमें 12 जिलों के कलेक्टर भी शामिल थे। प्रशासनिक सुधारों के तहत कलेक्टरों के और तबादले संभव हैं।
मुख्यमंत्री के निर्णय: मुख्यमंत्री मोहन यादव के जापान से लौटने के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे प्रशासन में और अधिक बदलाव हो सकते हैं।
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