रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे नागरिकों पर जब ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर गोलियां बरसाई गईं, तब सैकड़ों निर्दोष बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हो गए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, जिसने आज़ादी की लड़ाई को और अधिक तीव्र और व्यापक बना दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जलियांवाला बाग हमारे आत्मसम्मान, आज़ादी और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई असंख्य कुर्बानियों की यादगार है। उन्होंने कहा कि हमें वीर शहीदों के बलिदानों से मिली हुई स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हुए सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
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