पंजाब अपनी मेहमाननवाजी और खानपान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां की पेड़े वाली लस्सी साधारण लस्सी से थोड़ी अलग और शाही होती है. यह लस्सी न केवल गाढ़ी और मलाईदार होती है बल्कि इसमें घुले हुए दूध के पेड़े इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. चिलचिलाती गर्मी में एक गिलास पेड़े वाली लस्सी पीते ही शरीर को गजब की ठंडक और ऊर्जा मिलती है. पंजाब में लस्सी को सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि खुराक माना जाता है.
पेड़े वाली लस्सी की शुरुआत अमृतसर और पटियाला जैसे शहरों से हुई. इसमें ताजे दही के साथ दूध को जलाकर बनाए गए खोया के पेड़े को मसलकर डाला जाता है. यह लस्सी आम लस्सी के मुकाबले काफी भारी और पौष्टिक होती है. इसमें ऊपर से डाली गई गाढ़ी मलाई की परत और सूखे मेवे इसे एक डेजर्ट जैसा अहसास देते हैं.
पेड़े वाली लस्सी के लिए तैयार कर लें ये चीजें
ताजा दही: 2 कप (गाढ़ा)
दूध के पेड़े: 3-4 (मैश किए हुए)
चीनी: 2 बड़े चम्मच (स्वादानुसार, क्योंकि पेड़ों में भी मिठास होती है)
इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
ठंडा दूध: आधा कप
मलाई: ऊपर से डालने के लिए (ताजी)
गार्निशिंग के लिए: बारीक कटे बादाम, पिस्ता और केसर के धागे
बनाने का तरीका
एक बड़े बर्तन या मिक्सी जार में गाढ़ा दही और मैश किए हुए पेड़े डालें.
पारंपरिक स्वाद के लिए इसे मथनी से मथें. अगर मिक्सी का उपयोग कर रहे हैं, तो बहुत कम चलाएं ताकि दही से मक्खन अलग न हो.
अब इसमें चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा ठंडा दूध मिलाएं. इसे तब तक मथें जब तक कि पेड़े दही के साथ अच्छी तरह मिल न जाएं और झाग न बन जाए.
लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ या लंबे स्टील के गिलास में निकालें.
ऊपर से एक बड़ी चम्मच ताजी मलाई डालें, फिर कटे हुए सूखे मेवे और केसर से इसे सजाएं.
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