उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अब लघु जलविद्युत परियोजनाएं तेजी से आकार लेंगी। कैबिनेट ने इसके लिए इसके लिए जलविद्युत परियोजना विकास नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
इसके तहत विकासकर्ताओं से ली जाने वाली परफार्मेंस सिक्योरिटी को शून्य किया गया है। फारेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद निश्चित समयावधि के भीतर परियोजना का कार्य प्रारंभ हो सकेगा।
ऊर्जा निगमों में निदेशक मनोनयन का रास्ता साफ
कैबिनेट ने राज्य में ऊर्जा के तीनों निगमों में निदेशक की नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए इनकी नियमावलियों में भी संशोधन को मंजूरी दी है। इनमें निदेशक मंडल में नियुक्त शब्द से नियुक्त को हटाया गया है।
पूर्व में प्रविधान था कि निदेशक के चयन के लिए मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक व उच्च स्तर के अधिकारी ही पात्र होंगे, जो निदेशक मंडल में नियुक्त हों। अब इस त्रुटि को दूर किया गया है, इससे तीनों निगमों में निदेशकों के मनोनयन का रास्ता साफ हो गया है।
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