रायपुर: केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण परिवारों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही है। योजना के तहत हितग्राही न केवल अपने बिजली खर्च में कमी ला रहे हैं, बल्कि स्वयं बिजली उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। सरगुजा जिले की ग्राम पंचायत कंठी के निवासी श्री उमाकांत चौधरी इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिनका बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो गया है।
श्री उमाकांत चौधरी ने बताया कि पहले उनके घर में हर माह बिजली का बिल एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता था। बढ़ती बिजली खपत के कारण घरेलू बजट प्रभावित होता था। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कराया।
सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद अब उनके घर की अधिकांश बिजली आवश्यकता स्वयं पूरी हो जाती है। आवश्यकता से अधिक उत्पन्न होने वाली बिजली को वे विद्युत ग्रिड में वापस भेज रहे हैं। इससे उनका बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है और वे एक सामान्य उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक की भूमिका में आ गए हैं।
श्री चौधरी ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापना के लिए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग ने सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने को आसान और किफायती बना दिया। उनका कहना है कि योजना की प्रक्रिया सरल है और इसका लाभ आम नागरिक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की दूरदर्शी पहल और सब्सिडी सहायता के कारण आम लोगों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना संभव हो पाया है। इससे न केवल बिजली खर्च में बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
श्री उमाकांत चौधरी ने अन्य नागरिकों से भी योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को अपने घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कर इस योजना से जुड़ना चाहिए। इससे बिजली बिल की चिंता समाप्त होगी और परिवार आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
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