रुड़की. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में आयोजित “युवा संवाद कार्यक्रम” में प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का युवा प्रदेश और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को वोट बैंक नहीं, बल्कि विकसित भारत का सबसे सशक्त स्तंभ मानते हुए उनकी शिक्षा, कौशल, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखण्ड बनाना है, जहां युवाओं को अवसरों के लिए पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही प्रदेश में रोजगार, उद्यम और नवाचार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना तथा ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे प्रयास स्थानीय उत्पादों और युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिला रहे हैं. स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखण्ड और सौर स्वरोजगार जैसी पहलें भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. उत्तराखण्ड में लागू देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद किया तथा उनके विभिन्न प्रश्नों का सरल, स्पष्ट एवं सारगर्भित उत्तर दिया. राज्य सरकार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.
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