सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित अग्निवीर रोजगार सेल (एआरसी) का रोडमैप तैयार हो गया है। सेल का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव और कौशल को विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों से जोड़ना होगा।
उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेनि) अजय कोठियाल ने सोमवार को प्रेस क्लब में इसकी विस्तृत कार्ययोजना साझा की। बता दें कि सेना से अग्निवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर को उत्तराखंड लौटेगा, जिसमें करीब 1,200 अग्निवीर शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि रोजगार सेल अग्निवीरों की रुचि, योग्यता और सेना में अर्जित अनुभव का आकलन करेगा। इसके आधार पर उन्हें सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों और कारपोरेट क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त दक्षता की आवश्यकता होगी, वहां अल्पकालिक कैप्सूल कोर्स संचालित किए जाएंगे, ताकि अग्निवीर उद्योगों की मांग के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
कर्नल कोठियाल ने बताया कि अब तक 50 से अधिक रोजगार क्षेत्रों की पहचान की जा चुकी है। इनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लाजिस्टिक्स, विनिर्माण, आधारभूत संरचना, कृषि, खेल और अन्य सेवा क्षेत्र शामिल हैं।
उनका कहना था कि सेना में मिले अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी प्रशिक्षण का इन क्षेत्रों में बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। अब रोजगार सेल के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी उनके लिए सुनियोजित अवसर विकसित किए जाएंगे।
इसके लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों और कारपोरेट कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। कर्नल कोठियाल के अनुसार, अग्निवीर रोजगार सेल मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा।
इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी तथा अग्निवीरों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि सेना से अग्निवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर को वापस लौटेगा। सरकार का प्रयास है कि उससे पहले रोजगार सेल पूरी तरह सक्रिय हो जाए, ताकि लौटने वाले अग्निवीरों को बिना अनावश्यक देरी के रोजगार और कौशल उन्नयन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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