मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण से प्रदेश में सरकारी एवं ग़ैर सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा-निर्देश दिए.
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप मॉडिफाई किए जाने पर जोर दिया. उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अपना 5 वर्ष का प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए. मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को NAAC और NIRF एक्रेडिटेशन प्राप्त किए जाने पर फोकस किए जाने की बात कही. उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालिक प्लान तैयार किए जाने की बात भी कही.
मुख्य सचिव ने छात्र छात्राओं की ट्रेसिंग मैकेनिज्म भी तैयार किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कोर्सेस के साथ ही इंटर्नशिप पार्टिसिपेशन को भी शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने इसके लिए विश्वविद्यालयों से इंडस्ट्री, एनजीओ और सोसाइटीज को भी जोड़े जाने की आवश्यकता पर जोर दिया. मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों को विदेशी भाषाएँ सिखाने पर भी फोकस किए जाने की बात कही. इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दीवान एस रावत, प्रो नवीन चंद्र लोहानी, प्रो एन के जोशी और प्रो सतपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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