नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें बेचैनी महसूस हो रही थी। इसके बाद एम्स में उनकी एंजियोग्राफी की गई है। यह जांच नसों में खून के ब्लॉकेज के लिए किया जाता है। AIIMS की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि उनकी हालत स्थिर है। फिलहाल उन्हें कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
जेपी नड्डा भारत सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हैं। इसके अलावा संगठन में भी उनकी अच्छी पकड़ है। वह बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। नितिन नबीव को कमान मिलने से पहले बीजेपी की कमान उनके ही पास थी। एम्स के बयान के मुताबिक उन्हें गुरुवार यानी 13 अगस्त की शाम को ही बेचैनी की शिकायत हुई थी। इसके बाद उनका इलाज चल रहा है।
विभाजन विभीषिका दिवस पर साझा किया अपना संदेश
नड्डी की तबीयत को लेकर उनके समर्थकों और साथियों ने चिंता व्यक्त की है। जेपी नड्डा ने 14 अगस्त को भी 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सोशल' मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि यह दिन उन लाखों लोगों के दर्द और बलिदान की याद दिलाता है जो कि विभाजन के दौरान कठिन परिस्थितियों से गुजरे और बहुत सारे लोगों की जान चली गई।
जेपी नड्डाराज्यसभा में सदन के नेता हैं। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान वह ना केवल सदन में मौजूद रहते थे बल्कि विपक्ष को करारा जवाब भी देते थे। दो दिन पहले ही जब मल्लिकार्जुन खरगे ने अमित शाह की अनुपस्थिति का मामला उठाया तो जेपी नड्डा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सदन को गुमराह कर रहे हैं और चर्चा से भागना चाहते हैं।
खरगे ने सदन में गृह मंत्री शाह की लगातार अनुपस्थित पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कहा, "प्रस्ताव जिसके नाम है उसे रखने को कहा जाए।… उन्हें आप बुलाइये।" उनके इस वक्तव्य को श्री हरिवंश ने खारिज करते हुए सदन के नेता श्री नड्डा को बोलने के लिए कहा। नड्डा ने कहा, "वह सदन को गुमराह कर रहे हैं। आप सदन में बहस से भागते हैं।"
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