केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को भगाया जाता है भारत में नहीं, सरकार जब काम करती है तो हिंदू-मुस्लिम नहीं देखती। वे जाति और धर्म से परे होकर सभी के लिए काम करती है।
केंद्रीय मंत्री देहरादून में पांच दिवसीय छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने महोत्सव के लिए प्रदेश सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उन अभियानों का खंडन किया जिनमें अल्पसंख्यकों के खतरे में होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा, कुछ लोग अमेरिका में जाकर कहते हैं कि सिखों को गुरुद्वारे में जाने से रोका जा रहा है।
ऐसे लोग विदेश में जाकर देश को बदनाम करते हैं। उन्होंने कहा, वह खुद अल्पसंख्यक हैं, लेकिन अपने जीवन में कभी अल्पसंख्यक होने का अनुभव नहीं किया। उन्होंने हज यात्रा में आए बदलावों का भी जिक्र किया। वहीं यह भी कहा कि सिख युवाओं के लिए दक्षता विकास के कार्यक्रम चलाए गए और उन्हें नौकरियां दिलाई गई।
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