Kargil Vijay Diwas 2026: सीएम धामी की घोषणा, परमवीर चक्र विजेताओं को दो करोड़ की अनुग्रह राशि मिलेगी

Kargil Vijay Diwas 2026: सीएम धामी की घोषणा, परमवीर चक्र विजेताओं को दो करोड़ की अनुग्रह राशि मिलेगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस पर परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ करने की घोषणा की है। उन्होंने कारगिल शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित उनके परिजनों को सम्मानित किया।
रविवार को गांधी पार्क में कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता, अटूट मनोबल और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया। कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत शामिल थे। उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है। प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा, वीरता पदक विजेताओं की समृद्ध विरासत तथा यहां के युवाओं का राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हुई है। आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आधारभूत संरचना का तीव्र विकास व रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं। वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा सैनिक कल्याण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णयों से देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।

भूमि धोखाधड़ी के लंबित मामलों का शीघ्र होगा निपटारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सैनिकों व पूर्व सैनिकों के जिला अदालतों में भूमि धोखाधड़ी के जो मामले लंबित हैं, उनका शीघ्र निपटारा करने के प्रयास किए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसके साथ ही सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता, वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा व सेवारत और पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टांप शुल्क में छूट दी गई है।

अंतिम चरण में सैन्य धाम का निर्माण
सीएम ने कहा, देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रेरणा स्थल बनेगा। राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल गठित किया जा रहा है।

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