इंदौर
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. एक दिन पहले सोमवार को जहां सोने-चांदी के भाव में हल्की तेजी देखी गई थी, वो आज 28 जुलाई, मंगलवार को खत्म हो चुकी है. आज सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. घरेलू कमोडिटी मार्केट खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर कीमतें 6,000 रुपये से ज्यादा गिर गई है. सोना 1,300 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया है, जबकि चांदी के दाम भी 4,700 रुपये कम हो गए हैं. चांदी में 2 फीसदी से ज्यादा, जबकि सोने में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है।
1.42 लाख से नीचे आया सोना, चांदी
MCX पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाले सोने में सुबह 11:05 बजे 0.95 फीसदी या 1,353 रुपये की गिरावट देखी गई और ये 1,41,710 रुपये/10 ग्राम के भाव पर ट्रेड करता दिखा. दूसरी ओर 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी में 2.14 फीसदी की गिरावट देखी गई. सुबह 11:05 बजे चांदी 4,724 रुपये की गिरावट के साथ 2,16,449 रुपये/किलो के भाव पर ट्रेड करता दिखा।
MCX पर सोने की शुरुआत कैसी रही?
सोने और चांदी की शुरुआत मंगलवार को गिरावट के साथ हुई और दोनों कीमती धातुओं का दाम 1.80 प्रतिशत तक लुढ़क गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोंजिग 1,43,063 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,42,353 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला. सुबह 10 बजे यह 1,129 रुपए या 0.79 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,41,934 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था. तब तक के कारोबार में सोने ने 1,41,808 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,42,353 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर हुआ था।
चांदी MCX पर कितनी गिरावट के साथ खुला?
चांदी में भी कमजोरी देखी गई. चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,21,173 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,20,555 रुपए प्रति किलो पर खुला.फिलहाल यह 3,940 रुपए या 1.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,17,233 रुपए प्रति किलो पर था. तब तक के कारोबार में चांदी ने 2,16,592 रुपए प्रति किलो और 2,20,555 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है. कॉमेक्स पर सोना 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,045 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.53 डॉलर प्रति औंस थी।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका में फेड की बैठक मंगलवार को शुरू होगी और इसके फैसले का ऐलान बुधवार को किया जाएगा. इससे पहले निवेश सतर्क बने हुए हैं. वहीं, अमेरिका-ईरान के बीच हमले रुकने से वैश्विक अस्थिरता में कमी आई है, जिससे दोनों कीमती धातुओं में गिरावट को सहारा मिला है।
उन्होंने आगे कहा कि जून के महंगाई और रोजगार के आंकड़ों ने इस बात को मजबूत किया है कि फेडरल रिजर्व अपनी जुलाई की बैठक में दरों को बिना बदले रखे, भले ही तेल की कीमतों में फिर से हुई बढ़ोतरी से कीमतों के बढ़ने का दबाव दोबारा पैदा होने का खतरा हो।
Hindustan Times Latest & Breaking News Updates In Hindi