मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य सामान्य विसंगतियों को ठीक कराने के लिए अब मतदाताओं को बार-बार निर्वाचन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए हैं कि सामान्य प्रकृति की आपत्तियों और विसंगतियों का निस्तारण बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) ही दस्तावेजों का सत्यापन कर अपने स्तर पर करें। वहीं, जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके मामलों की सुनवाई ईआरओ और एईआरओ स्तर पर नियमानुसार की जाएगी।
मतदाताओं से सीधे फीडबैक भी लिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजपुर विधानसभा के दिलाराम बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या-65) और रायपुर विधानसभा के डांडा खुदानेवाला स्थित प्राथमिक विद्यालय (बूथ संख्या-10) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एसआइआर प्रक्रिया के तहत नोटिसों के निस्तारण की प्रगति जानी और मतदान केंद्रों पर मौजूद मतदाताओं से सीधे फीडबैक भी लिया। डा. पुरुषोत्तम ने कहा कि फील्ड विजिट का उद्देश्य कागजों के बजाय जमीनी स्तर पर सामने आ रही व्यवहारिक समस्याओं को समझना और समाधान करना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में दोनों मंडलायुक्तों, सभी जिलाधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और अन्य अधिकारियों को भी नियमित फील्ड निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित बन सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, ईआरओ रायपुर डा. अपूर्वा सिंह, ईआरओ राजपुर तनवीर मारवाह तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली मौजूद रहे।
अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर सीईओ कार्यालय के अधिकारियों को भी अलग-अलग जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे को देहरादून और हरिद्वार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का को नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़, जबकि उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली व बागेश्वर के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ऊधमसिंह नगर, टिहरी और उत्तरकाशी का भ्रमण करेंगे।
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