भाजपा का एनजीओ प्रकोष्ठ अब गांवों के बीच पहुंचकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देगा। स्वतंत्रता दिवस से प्रदेशभर में ‘एक रविवार-एक गांव, एक घंटा-समाज के नाम’ अभियान की शुरुआत की जाएगी। अभियान के तहत हर रविवार कार्यकर्ता किसी एक गांव में पहुंचेंगे और ग्रामीणों से संवाद के साथ एक घंटे का सेवा कार्य करेंगे।
प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुशील बहुगुणा के अनुसार अभियान का मकसद बड़े आयोजनों के बजाय ग्रामीणों के बीच सीधे पहुंचना और उनकी स्थानीय जरूरतों को समझना है। कार्यकर्ता गांव की आवश्यकता के आधार पर छोटे लेकिन प्रभावी सामाजिक कार्यों को अंजाम देंगे।
स्वच्छता से लेकर पौधरोपण तक होंगे कार्य
अभियान में गांवों की जरूरत के अनुसार स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जलस्रोतों की सफाई और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा बुजुर्गों से मुलाकात, दिव्यांगजनों की सहायता और जरूरतमंद परिवारों की मदद जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
कार्यक्रम को तीन हिस्सों में बांटा गया है। शुरुआत में 10 मिनट ग्रामीणों के साथ संवाद और संकल्प के लिए होंगे। इसके बाद 40 मिनट सेवा कार्य और अंत में 10 मिनट अभियान की समीक्षा की जाएगी।
सामाजिक संस्थाओं से भी जोड़ा जाएगा अभियान
अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला संयोजकों और सह-संयोजकों के साथ स्थानीय एनजीओ, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों को भी जोड़ा जाएगा। प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेश के अधिक से अधिक गांवों तक अभियान पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
मधु जैन को प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी
अभियान के संचालन के लिए मधु जैन को प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जिम्मेदारी मिलने पर संगठन के नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से गांवों में जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने और सामाजिक गतिविधियों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सौंपे गए दायित्व का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगी।
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