नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को नया आयाम देने में जुट गई है। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति की नजरें युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा पर टिकी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक तीन साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में अब तक केवल 5 वनडे खेलने वाले तिलक वर्मा को मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर के मुख्य बैकअप के रूप में देखा जा रहा है।
तिलक वर्मा पर हर किसी की नजर
दाएं हाथ के बल्लेबाजों से भरे भारतीय टॉप और मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा एक बाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर विविधता लाते हैं। इसके साथ ही टीम मैनेजमेंट उन्हें अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी सुधारने के लिए भी लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। दरअसल, भारतीय टॉप ऑर्डर में गेंदबाजी विकल्पों की भारी कमी रही है जिससे मुख्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बनता है। तिलक की पार्ट-टाइम गेंदबाजी टीम को वो संतुलन प्रदान कर सकती है जिसकी तलाश लंबे समय से की जा रही है।
लिस्ट-ए करियर में तिलक वर्मा का दमदार प्रदर्शन
अगर तिलक वर्मा के ओवरऑल लिस्ट-ए (50 ओवर फॉर्मेट) करियर पर नजर डालें तो उनके आंकड़े बेहद शानदार रहे हैं। उन्होंने अब तक खेले 36 लिस्ट-ए मुकाबलों की 33 पारियों में 47.60 की बेहतरीन औसत से 1,333 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 5 शतक और 6 अर्धशतक निकले हैं जिसमें 156* रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है। सिर्फ बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंदबाजी में भी उन्होंने 25 पारियों में 11 विकेट चटकाए हैं। यही वजह है कि सेलेक्टर्स उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन पर भरोसा जता रहे हैं।
4 ओवर की गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी
बीसीसीआई के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए टीम की मौजूदा स्थिति और जरूरत पर स्पष्ट बयान दिया, 'कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि मध्यक्रम के लिए हमारे पास कोई ठोस बैकअप तैयार नहीं है। हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की चोटों के इतिहास को देखते हुए टीम मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर में एक ऐसा बल्लेबाज चाहता है जो वनडे में कम से कम 4 ओवर की गेंदबाजी का योगदान दे सके।'
टीम मैनेजमेंट की यह चिंता बेवजह नहीं है। पिछले कुछ समय में टीम संतुलन बनाए रखने के लिए अक्षर पटेल या वाशिंगटन सुंदर जैसे निचले क्रम के ऑलराउंडरों को नंबर 5 या 6 पर प्रमोट करना पड़ा था। यहां तक कि इंग्लैंड दौरे के समय ईशान किशन को भी अय्यर से ऊपर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था।
दिग्गजों को लेकर भी चिंता
इसके अलावा, टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की बढ़ती उम्र और फिटनेस समस्याएं भी चयनकर्ताओं के सामने एक बड़ी चुनौती हैं। बीसीसीआई सूत्र ने आगे कहा, 'टीम के पास रोहित शर्मा और विराट कोहली के रूप में दो उम्रदराज खिलाड़ी हैं जिन्हें अक्सर छोटी-मोटी चोटों से जूझना पड़ता है। वहीं, जब तक विश्व कप आएगा तब तक केएल राहुल भी 35 साल से अधिक के हो चुके होंगे।'
न्यूजीलैंड दौरे से होगी तैयारी शुरू
भारतीय टीम की वर्ल्ड कप तैयारियों की असली परीक्षा अक्टूबर में न्यूजीलैंड दौरे से शुरू होगी। 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू वनडे सीरीज में प्रमुख सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिए जाने की संभावना है जिससे तिलक वर्मा जैसे युवाओं को अपनी दावेदारी मजबूत करने का बेहतरीन मौका मिलेगा।
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